समय कभी रुकता नहीं है, वह निरंतर चलता रहता है। उसी तरह सफलता व असफलता, मुसीबत और हल, जीत और हार, सुख और दुख, ये सब जीवन के पड़ाव है और हमेशा आते जाते रहते है। इंसान जब दुख, संकट या मुश्किल समय से गुजर रहा होता है या परिस्थितियों विपरीत चल रही होती है, तब नकारात्मक भाव से घिर जाता है। लेकिन इन विपरीत परिस्थितियों में इंसान को धैर्य और शांत मन से विचार कर समस्या से कैसे पार पाया जाए या सामना किया जाए ये सोचना चाहिए। नकारात्मक भाव या विपरीत परिस्थितियों का बुद्धिमता व धैर्यता से सामना करना ही सकारात्मकता है। सकारात्मकता से ही विश्व में बड़े बड़े युद्ध लड़े गए और जीते गए है। अगर, पर्वतारोही पर्वत की ऊँचाई को देखकर यह सोच लें की वह तो इतनी ऊंची और कठिन पहाड़ी को चढ़ी नहीं सकता, तो जो कीर्तिमान पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट जैसी पहाड़ियों को चढ़ कर हासिल किया है, वो कभी भी हासिल नहीं हो सकता था। सकारात्मक सोच आपको हर मुश्किल से लड़ने की ताकत देगी, सुख और दुख, मुसीबत और हल, जीत और हार यह सब जीवन में आता जाता रहता है। जरूरी है, आप खुद पर विश्वास रखें, अपने हितेसियों से बात करें, कर्मशील बन...
इस आधुनिक समय में ज्यादातर लोग भोजन करने का सही तरीका नहीं अपना रहे हैं। भोजन करते समय टीवी देखना, मोबाइल चलाना, लाउडस्पीकर में म्यूजिक सुनना, बार बार पानी पीना, खाने में जंक फूड खाना, ज्यादा तेल, नमक व मिर्च वाला भोजन करना, ज्यादा गरम गरम भोजन करना, जल्दी-जल्दी खाना इत्यादि गलत तरीकों से शरीर को भोजन से लाभ नहीं होता और न ही भोजन सही से पच पाता है। भोजन से आपके शरीर को लाभ हो व आसानी से पच जाए, इसके लिए भोजन करने का तरीका सही होना बहुत ही आवश्यक है।
भोजन को दिन में कम से कम तीन बार में खाना चाहिए और दो अंतराल के बीच कम से कम 4 से 5 घंटे का समय जरूर होना चाहिए।
भोजन हमेशा सही समय और भूख लगने पर करना चाहिए।
सबसे जरूरी है, भोजन को अच्छी तरह चबा चबाकर खाना चाहिए और खाते समय बात नहीं करनी चाहिए।
सादा व पौष्टिक भोजन करें और खाने के साथ सलाद ज्यादा से ज्यादा खाएं।
सुबह नाश्ते के पहले या नाश्ते के साथ, फल और अंकुरित अनाज खाने चाहिए।
ज्यादा तेल, नमक मिर्च व ज्यादा मीठा खाना कम से कम खाना चाहिए।
भोजन करते समय बार बार पानी नहीं पीना चाहिए और खाना खाने के बाद कम से कम 45 मिनट तक पानी न पीएं।
भोजन समय पर करने और सही तरीके से करने से आवश्यक तत्व शरीर को मिलते हैं और पाचन से संबंधित समस्याएं भी कम से कम होती है। इसलिए भोजन करने का सही तरीका सभी को अपनाना चाहिए और शांति से चबा चबाकर भोजन करना चाहिए।




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